कोई मूर्ति है बाहर से मिट्टी दिखती है किन्तु वह मूर्ति तो पूर्ण रूप से सुवर्ण से बनी हुई है, को जानकार उसे देखकर बताता है कि यह लेप केवल बाहर मिट्टी का है भीतर तो सुवर्ण है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रत्नगोत्रविभाग के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रत्नगोत्रविभाग के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।