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श्रीरामगीता • अध्याय 1 • श्लोक 23
आदौ पदार्थावगतिर्हि कारणं वाक्यार्थविज्ञानविधौ विधानतः । तत्त्वम्पदार्थौ परमात्मजीवका- वसीति चैकात्म्यमथानयोर्भवेत् ॥
यह नियम ही है कि प्रत्येक वाक्य का अर्थ जानने में पहले उसके पदों के अर्थ का ज्ञान ही कारण है। (इस “तत्त्वमसि” महावाक्य के) "तत्‌" और "त्वम्‌" पद क्रम से परमात्मा और जीवात्मा के वाचक हैं और "असि" उन दोनों की एकता करता है।
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