और तुमने जो ज्ञान की समानता में यज्ञादि का दृष्टान्त दिया सो ठीक नहीं है, क्योंकि उन दोनों के फल अलग-अलग हैं। इसके अतिरिक्त यज्ञ तो (होता, ऋत्विकू, यजमान आदि) बहुत-से कारकों से सिद्ध होता है और ज्ञान इससे विपरीत है (अर्थात् वह कारकादि से साध्य नहीं है)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
श्रीरामगीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
श्रीरामगीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।