मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
रघुवंशम् • अध्याय 9 • श्लोक 5
दशदिगन्तजिता रघुणा यथा श्रियमपुष्यदजेन ततः परम् । तमधिगम्य तथैव पुनर्बभौ न न महीनमहीनपराक्रमम् ॥
जैसे रघु ने दसों दिशाओं को जीतकर राज्य को समृद्ध किया और अज ने उसे बढ़ाया, वैसे ही दशरथ के अधीन वह और भी अधिक तेजस्वी हो उठा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें