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रघुवंशम् • अध्याय 9 • श्लोक 4
जनपदे न गदः पदमादधावभिभवः कुत एव सपत्नजः । क्षितिरभूत्फलवत्यजनन्दने शमरतेऽमरतेजसि पार्थिवे ॥
उसके राज्य में रोगों का स्थान नहीं था, शत्रुओं का तो प्रश्न ही नहीं; अज के पुत्र उस तेजस्वी और धर्मनिष्ठ राजा के अधीन पृथ्वी फलवती हो गई।
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