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रघुवंशम् • अध्याय 9 • श्लोक 26
कुसुमजन्म ततो नवपल्लवास्तदनु षट्पदकोकिलकूजितम् । इति यथाक्रममाविरभून्मधुर्द्रुमवतीमवतीर्य वनस्थलीम् ॥
पहले फूल खिले, फिर नए पत्ते आए और उसके बाद भौंरों और कोयलों की ध्वनि सुनाई दी—इस प्रकार क्रम से वसंत ऋतु वनभूमि में प्रकट हुई।
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