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रघुवंशम् • अध्याय 9 • श्लोक 17
तमलभन्त पतिं पतिदेवताः शिखरिणामिव सागरमापगाः । मगधकोसलकेकयशासिनां दुहितरोऽहितरोपितमार्गणम् ॥
मगध, कोसल और केकय आदि राजाओं की पुत्रियाँ उसे पति के रूप में प्राप्त हुईं, जैसे नदियाँ समुद्र को प्राप्त होती हैं।
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