जैसे इन्द्र वज्र से पर्वतों के पक्ष काट देता है, वैसे ही उसने अपने धनुष से बाणों की वर्षा कर शत्रुओं के बल को नष्ट कर दिया और उसका मुख प्रसन्न कमल के समान दमकने लगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।