जिसकी तेजस्विता सैकड़ों किरणों के समान थी और जिसकी कीर्ति दसों दिशाओं में फैली थी, उसे बुद्धिमान लोग दशरथ नाम से जानते हैं, जो रावण के शत्रु राम के पिता थे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।