मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
रघुवंशम् • अध्याय 8 • श्लोक 20
अकरोदचिरेश्वरः क्षितौ द्विषदारम्भफलानि भस्मसात् । इतरो दहने स्वकर्मणां ववृते ज्ञानमयेन वह्निना ॥
राजा ने शीघ्र ही शत्रुओं के कार्यों को नष्ट कर दिया, जबकि रघु ने ज्ञानरूपी अग्नि से अपने कर्मों को भस्म कर दिया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें