इस प्रकार वह दोषरहित कन्या को अपने साथ लेकर, राजाओं के ऊपर विजय प्राप्त कर चला गया; उसके रथ और घोड़ों की धूल से उसके केश रूखे हो गए, और वह स्वयं विजयलक्ष्मी का साकार रूप प्रतीत हो रही थी।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।