स चापकोटीनिहितैकबाहुः शिरस्त्रनिष्कर्षणभिन्नमौलिः । ललाटबद्धश्रमवारिबिन्दुर्भीतां प्रियामेत्य वचो बभाषे ॥
वह, जिसका एक हाथ धनुष पर था और जिसका मुकुट हट गया था तथा माथे पर पसीने की बूँदें थीं, अपनी भयभीत प्रिया के पास आकर बोला।
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