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रघुवंशम् • अध्याय 7 • श्लोक 61
प्रियंवदात्प्राप्तमसौ कुमारः प्रायुङ्क्त राजस्वधिराजसूनुः । गान्धर्वमस्त्रं कुसुमास्त्रकान्तः प्रस्वापनं स्वप्ननिवृत्तलौल्यः ॥
राजाधिराज का पुत्र वह कुमार, प्रियंवद से प्राप्त गान्धर्व अस्त्र का प्रयोग करने लगा, जो कामदेव के समान सुन्दर और शत्रुओं को निद्रा में डालने वाला था।
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