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रघुवंशम् • अध्याय 7 • श्लोक 56
रथी निषङ्गी कवची धनुष्मान्दृप्तः स राजन्यकमेकवीरः । निवारयामास महावराहः कल्पक्षयोद्वृत्तमिवार्णवाम्भः ॥
वह अकेला वीर राजा, रथी, तलवारधारी, कवचधारी और धनुषधारी होकर, प्रलयकाल में समुद्र को रोकने वाले महावराह के समान शत्रु सेना को रोकने लगा।
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