मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
रघुवंशम् • अध्याय 7 • श्लोक 42
आवृण्वतो लोचनमार्गमाजौ रजोन्धकारस्य विजृम्भितस्य । शस्त्रक्षताश्वद्वीपवीरजन्मा बालारुणोऽभूद्रुधिरप्रवाहः ॥
युद्ध में धूल का अंधकार आँखों को ढँक रहा था, तब शस्त्रों से घायल घोड़ों, हाथियों और वीरों से निकला रक्तप्रवाह बाल सूर्य के समान लाल दिखाई दे रहा था।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें