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रघुवंशम् • अध्याय 7 • श्लोक 16
इत्युद्गताः पौरवधूमुखेभ्यः श‍ृण्वन्कथाः श्रोत्रसुखाः कुमारः । उद्भासितं मङ्गलसंविधाभिः संबन्धिनः सद्म समाससाद ॥
नगर की स्त्रियों के मुख से निकली हुई इन मधुर बातों को सुनते हुए कुमार, मंगल कार्यों से शोभायमान अपने ससुर के भवन में पहुँचा।
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