उन स्त्रियों के मदिरा-सुगंध से भरे मुखों और चंचल नेत्ररूपी भँवरों के कारण, उनकी जिज्ञासा से भरे हुए झरोखे ऐसे प्रतीत हो रहे थे मानो सहस्र पंखुड़ियों वाले कमलों से अलंकृत हों।
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