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रघुवंशम् • अध्याय 6 • श्लोक 72
महेन्द्रमास्थाय महोक्षरूपं यः संयति प्राप्तपिनाकिलीलः । चकार बाणैरसुराङ्गनानां गण्डस्थलीः प्रोषितपत्रलेखाः ॥
जिसने इन्द्र के वाहन के समान रूप धारण कर युद्ध में शिव के समान पराक्रम दिखाया और अपने बाणों से असुर स्त्रियों के गालों को अश्रुओं से भीगा दिया।
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