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रघुवंशम् • अध्याय 6 • श्लोक 33
अस्य प्रयाणेषु समग्रशक्तेरग्रेसरैर्वाजिभिरुत्थितानि । कुर्वन्ति सामन्तशिखामणीनां प्रभाप्ररोहास्तमयं रजांसि ॥
इसके युद्ध के लिए निकलने पर अग्रसर घोड़ों द्वारा उड़ाई गई धूल सामन्त राजाओं के मुकुटों की चमक को ढँक देती है।
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