तब उसने कहा—यह अंग देश का राजा है, जिसकी युवावस्था की शोभा देवांगनाओं द्वारा भी चाही जाती है। यह विनीत होकर भी पृथ्वी पर रहते हुए इन्द्र के समान पद का आनंद लेता है।
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