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रघुवंशम् • अध्याय 5 • श्लोक 39
अथेश्वरेण क्रथकैशिकानां स्वयंवरार्थं स्वसुरिन्दुमत्याः । आप्तः कुमारानयनोत्सुकेन भोजेन दूतो रघवे विसृष्टः ॥
तत्पश्चात् क्रथ और कैशिक वंश के राजा भोज ने अपनी बहन इन्दुमती के स्वयंवर के लिए उत्सुक होकर रघु के पास कुमार को बुलाने हेतु दूत भेजा।
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