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रघुवंशम् • अध्याय 5 • श्लोक 36
ब्राह्मे मुहूर्ते किल तस्य देवी कुमारकल्पं सुषुवे कुमारम् । अतः पिता ब्रह्मण एव नाम्ना तमात्मजन्मानमजं चकार ॥
ब्राह्म मुहूर्त में उसकी रानी ने एक दिव्य तेजस्वी पुत्र को जन्म दिया। इसलिए पिता ने उसका नाम ब्रह्मा के नाम पर "अज" रखा।
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