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रघुवंशम् • अध्याय 4 • श्लोक 76
तस्योत्सृष्टनिवासेषु कण्ठरज्जुक्षतत्वचः । गजवर्ष्म किरातेभ्यः शशंसुर्देवदारवः ॥
जहाँ उसने डेरा डाला था, वहाँ देवदारु वृक्ष हाथियों के शरीर के निशानों से किरातों को उसके आगमन का संकेत देते थे।
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