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रघुवंशम् • अध्याय 4 • श्लोक 70
तेषां सदश्वभूयिष्ठास्तुङ्गा द्रविणराशयः । उपदा विविशुः शश्वन्नोत्सेकाः कोसलेश्वरम् ॥
उनके ऊँचे और घोड़ों से भरे धन के भंडार बिना अभिमान के सदा कोसलराज के अधीन हो गए।
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