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रघुवंशम् • अध्याय 3 • श्लोक 69
इति क्षितीशो नवतिं नवाधिकां महाक्रतूनां महनीयशासनः । समारुरुक्षुर्दिवमायुषः क्षये ततान सोपानपरम्परामिव ॥
इस प्रकार उस महान राजा ने निन्यानवे यज्ञ पूर्ण कर, जीवन के अंत में स्वर्गारोहण के लिए मानो सीढ़ियों की श्रृंखला बना ली।
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