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रघुवंशम् • अध्याय 2 • श्लोक 70
प्रातर्यथोक्तव्रतपारणान्ते प्रास्थानिकं स्वस्त्ययनं प्रयुज्य । तौ दंपती स्वां प्रति राजधानीं प्रस्थापयामास वशी वसिष्ठः ॥
प्रातः व्रत के पारण के बाद, मंगलाचार करके, वश में रहने वाले वसिष्ठ ने उन दोनों दंपतियों को उनकी राजधानी की ओर प्रस्थान कराया।
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