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रघुवंशम् • अध्याय 2 • श्लोक 29
स पाटलायां गवि तस्थिवांसं धनुर्धरः केसरिणं ददर्श । अधित्यकायामिव धातुमय्यां लोध्रद्रुमं सानुमतः प्रफुल्लम् ॥
उस धनुर्धर राजा ने उस लालिमा युक्त गाय पर खड़े सिंह को देखा, जो मानो पर्वत की धातुमयी ढलान पर खिले लोध्र वृक्ष के समान प्रतीत हो रहा था।
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