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रघुवंशम् • अध्याय 2 • श्लोक 26
अन्येद्युरात्मानुचरस्य भावं जिज्ञासमाना मुनिहोमधेनुः । गङ्गाप्रपातान्तविरूढशष्पं गौरीगुरोर्गह्वरमाविवेश ॥
एक दिन उस मुनि की होमधेनु, राजा के भाव को जानने की इच्छा से, गंगा के झरनों के समीप उगे हुए घास वाले पर्वत-गुहा में प्रवेश कर गई।
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