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रघुवंशम् • अध्याय 19 • श्लोक 51
व्योम पश्चिमकलास्थितेन्दु वा पङ्कशेषमिव घर्मपल्वलम् । राज्ञि तत्कुलमभूत्क्षयातुरे वामनार्चिरिव दीपभाजनम् ॥
राजा के क्षीण होने पर उसका वंश ऐसा दुर्बल हो गया, जैसे आकाश में क्षीण चन्द्र या गर्मी में सूखता जल।
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