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रघुवंशम् • अध्याय 19 • श्लोक 5
कामिनीसहचरस्य कामिनस्तस्य वेश्मसु मृदङ्गनादिषु । ऋद्धिमन्तमधिकर्द्धिरुत्तरः पूर्वमुत्सवमपोहदुत्सवः ॥
स्त्रियों के साथ रहने वाले उस राजा के महलों में मृदंग की ध्वनि से युक्त उत्सव इतने बढ़ गए कि पहले के उत्सव फीके पड़ गए।
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