स स्वयं चरणरागमादधे योषितां न च तथा समाहितः । लोभ्यमाननयनः श्लथांशुकैर्मेखलागुणपदैर्नितम्बिभिः ॥
वह स्वयं स्त्रियों के चरणों में राग लगाता, परन्तु उनका ढीला वस्त्र और कमरबंध देखकर उसका मन विचलित हो जाता था।
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