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रघुवंशम् • अध्याय 19 • श्लोक 24
नाम वल्लभजनस्य ते मया प्राप्य भाग्यमपि तस्य काङ्क्ष्यते । लोलुपं ननु मनो ममेति तं गोत्रविस्खलितमूचुरङ्गनाः ॥
स्त्रियाँ उससे कहती थीं कि तुम्हें पाकर भी हमारा मन और अधिक चाहने लगता है, क्योंकि हमारा मन लोभी है।
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