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रघुवंशम् • अध्याय 19 • श्लोक 23
कॢप्तपुष्पशयनाꣳल्लतागृहानेत्य दूतिकृतमार्गदर्शनः । अन्वभूत्परिजनाङ्गनारतं सोऽवरोधभयवेपथूत्तरम् ॥
दूतियों के मार्गदर्शन से वह पुष्पशय्या और लतागृहों में जाकर अन्य स्त्रियों के साथ भी रमण करता था।
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