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रघुवंशम् • अध्याय 19 • श्लोक 1
अग्निवर्णमभिषिच्य राघवः स्वे पदे तनयमग्नितेजसम् । शिश्रिये श्रुतवतामपश्चिमः पश्चिमे वयसि नैमिषं वशी ॥
राघव ने अपने तेजस्वी पुत्र अग्निवर्ण का राज्याभिषेक कर, जीवन के अंतिम समय में संयमपूर्वक नैमिषारण्य में आश्रय लिया।
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