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रघुवंशम् • अध्याय 18 • श्लोक 9
स क्षेमधन्वानममोघधन्वा पुत्रं प्रजाक्षेमविधानदक्षम् । क्ष्मां लम्भयित्वा क्षमयोपपन्नं वने तपः क्षान्ततरश्चचार ॥
उसने क्षेमधन्वा नामक पुत्र उत्पन्न किया, जो प्रजा के कल्याण में दक्ष था, और स्वयं राज्य त्यागकर वन में तप करने लगा।
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