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रघुवंशम् • अध्याय 18 • श्लोक 39
तं राजवीथ्यामधिहस्ति यातमाधोरणालम्बितमग्र्यवेशम् । षड्वर्षदेशीयमपि प्रभुत्वात्प्रैक्षन्त पौराः पितृगौरवेण ॥
छः वर्ष की आयु में भी उसे हाथी पर सवार देखकर नगरवासी उसे उसके पिता के सम्मान से देखते थे।
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