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रघुवंशम् • अध्याय 18 • श्लोक 34
ततः परं तत्प्रभवः प्रपेदे ध्रुवोपमेयो ध्रुवसंधिरुर्वीम् । यस्मिन्नभूज्ज्यायसि सत्यसंधे संधिर्ध्रुवः संनमतामरीणाम् ॥
उसके बाद ध्रुवसंधि नामक राजा हुआ, जो ध्रुव के समान स्थिर था और जिसके कारण शत्रु भी उसके प्रति नतमस्तक रहते थे।
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