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रघुवंशम् • अध्याय 18 • श्लोक 26
पिता पितॄणामनृणस्तमन्ते वयस्यनन्तानि सुखानि लिप्सुः । राजानमाजानुविलम्बिबाहुं कृत्वा कृती वल्कलवान्बभूव ॥
उसके पिता ने अपने कर्तव्यों से मुक्त होकर उसे राजा बनाकर स्वयं वनवासी जीवन अपनाया।
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