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रघुवंशम् • अध्याय 18 • श्लोक 24
आराध्य विश्वेश्वरमीश्वरेण तेन क्षितेर्विश्वसहो विजज्ञे । पातुं सहो विश्वसखः समग्रां विश्वंभरामात्मजमूर्तिरात्मा ॥
उसने भगवान विश्वेश्वर की आराधना करके विश्वसह नामक पुत्र प्राप्त किया, जो संपूर्ण पृथ्वी की रक्षा करने में समर्थ था।
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