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रघुवंशम् • अध्याय 18 • श्लोक 20
उन्नाभ इत्युद्गतनामधेयस्तस्यायथार्थोन्नतनाभिरन्ध्रः । सुतोऽभवत्पङ्कजनाभकल्पः कृत्स्नस्य नाभिर्नृपमण्डलस्य ॥
उसका पुत्र उन्नाभ नामक हुआ, जो कमलनाभ के समान था और सम्पूर्ण राजमंडल का केंद्र बना।
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