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रघुवंशम् • अध्याय 18 • श्लोक 16
तस्मिन्प्रयाते परलोकयात्रां जेतर्यरीणां तनयं तदीयम् । उच्चैःशिरस्त्वाज्जितपारियात्रं लक्ष्मीः सिषेवे किल पारियात्रम् ॥
उसके परलोक गमन के बाद, उसके विजयी पुत्र ने राज्य संभाला और लक्ष्मी ने उसे वैसे ही अपनाया जैसे पारियात्र पर्वत को।
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