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रघुवंशम् • अध्याय 18 • श्लोक 10
अनीकिनीनां समरेऽग्रयायी तस्यापि देवप्रतिमः सुतोऽभूत् । व्यश्रूयतानीकपदावसानं देवादि नाम त्रिदिवेऽपि यस्य ॥
उसका पुत्र भी देव के समान था, जो सेना का अग्रणी था और जिसका नाम स्वर्ग में भी प्रसिद्ध था।
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