तदात्मसंभवं राज्ये मन्त्रिवृद्धाः समादधुः । स्मरन्तः पश्चिमामाज्ञां भर्तुः सङ्ग्रामयायिनः॥
मन्त्रियों ने उनके पुत्र को राज्य में स्थापित किया, अपने युद्ध के लिए गए स्वामी की अंतिम आज्ञा को स्मरण करते हुए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।