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रघुवंशम् • अध्याय 17 • श्लोक 59
परात्मनोः परिच्छिद्य शक्त्यादीनां बलाबलम् । ययावेभिर्बलिष्ठश्चेत्परस्मादास्त सोऽन्यथा॥
अपने और दूसरों की शक्ति का आकलन कर, वह यदि अधिक शक्तिशाली होता तो आगे बढ़ता, अन्यथा रुक जाता।
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