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रघुवंशम् • अध्याय 17 • श्लोक 25
आमुक्ताभरणः स्रग्वी हंसचिह्नदुकूलवान् । आसीदतिशयप्रेक्ष्यः स राज्यश्रीवधूवरः॥
आभूषणों से सुसज्जित, मालाओं से युक्त और हंसचिह्न वाले वस्त्र पहने हुए वह राजा अत्यन्त आकर्षक लग रहा था।
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