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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 79
तस्मात्समुद्रादिव मथ्यमानादुद्वृत्तनक्रात्सहसोन्ममज्ज । लक्ष्म्येव सार्धं सुरराजवृक्षः कन्यां पुरस्कृत्य भुजंगराजः ॥
तब उस मंथित जल से, मानो समुद्र से, एक नागराज कन्या सहित प्रकट हुआ, जैसे समुद्र से लक्ष्मी प्रकट होती है।
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