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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 75
ततः समाज्ञापयदाशु सर्वानानायिनस्तद्विचये नदीष्णान् । वन्ध्यश्रमास्ते सरयूं विगाह्य तमूचुरम्लानमुखप्रसादाः ॥
तब उसने तुरंत सभी गोताखोरों को उस आभूषण की खोज का आदेश दिया, पर वे सरयू में डूबकर भी खाली हाथ लौटे।
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