अन्तःपुर की स्त्रियों के साथ उस श्रेष्ठ नदी में प्रवेश करते हुए वह ऐसा प्रतीत हुआ मानो इन्द्र अप्सराओं के साथ आकाशगंगा में विहार कर रहा हो।
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