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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 69
ततो नृपेणानुगताः स्त्रियस्ता भ्राजिष्णुना सातिशयं विरेजुः । प्रागेव मुक्ता नयनाभिरामाः प्राप्येन्द्रनीलं किमुतोन्मयूखम् ॥
राजा के साथ रहने वाली वे स्त्रियाँ पहले ही सुन्दर थीं, पर उसके साथ होकर और भी अधिक शोभित हो उठीं, जैसे इन्द्रनील प्राप्त कर वस्तु और अधिक चमक उठती है।
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