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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 68
स नौविमानादवतीर्य रेमे विलोलहारः सह ताभिरप्सु । स्कन्धावलग्नोद्धृतपद्मिनीकः करेणुभिर्वन्य इव द्विपेन्द्रः ॥
वह राजा नौका से उतरकर उन स्त्रियों के साथ जल में क्रीड़ा करने लगा, जैसे हाथियों के साथ वन में विचरता हुआ गजराज।
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